बिहार विधानसभा
बिहार विधानसभा चुनाव के परिणाम आ गए है।राजग को इस तरह के परिणाम की भी आशा नहीं रही होगी।वहीं महागठबंधन जो चुनाव से पहले ही शपथ की तैयारी कर रहा था उसे अब इस परिणाम के शपथ पर मंथन की जरूरत है।दूसरी तरफ चुनाव से पहले जनसुराज व प्रशांत किशोर के दावे की जमीनी हकीकत पर जो परिणाम आया वह भी कम आश्चर्यचकित नहीं करता।जहां चुनाव से पहले उनके ऊपर एक्स फैक्टर के लेख आते थे।अब उनके राजनीतिक अंत तक की बात लिखी जा रही है।लेकिन यह कहने में कोई गुरेज नहीं कर सकता कि उन्होंने बिहार में जनता के मुद्दे को उठाया और एक नैरेटिव तैयार किया।पर बिहार की राजनीति में मुद्दों से ज्यादा मास लीडर व जाति की चर्चा न आए।ये हो नहीं सकता Caste has served since Independence both as an instrument of political democratic India, castes—as a social unit—have always been perceived as a strong vehicle of improving access to power and promotion of interests and it continues to matter. Increased political significance of castes has provided them a greater social hold. Democracy, industrialisation and an equitable economic redist...