राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश जी का नागरी प्रचारिणी में व्याख्यान
नागरी प्रचारिणी सभा के स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव कार्यक्रम का आयोजन था।कार्यक्रम के दूसरे दिन राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश जी ने "दो सौ वर्षों की देहरी पर हिन्दी पत्रकारिता का भविष्य " पर अपने विचार रखे....... हरिवंश जी बीएचयू के पुरा छात्र है,उनको सुनना हमेशा रोचक होता है।हर बार वो तैयारी के साथ आते है।उनके बातचीत में बहुत सारी पुस्तकों का रेफरेंस आता है और उनका आग्रह भी रहता है कि आप इन पुस्तकों को पढ़िए।इन्हीं प्रसंगों के बीच उन्होंने एक बड़ी महत्त्वपूर्ण बात कही।उनका कहना था कि दुनिया को लगता था कि विचारधारा दुनिया को बदल देगी।लेकिन पुनर्जागरण के बाद टेक्नोलॉजी ने अलग ही बदलाव किया।वो कछुआ व खरगोश कहानी का उदाहरण देते है। उस कहानी की तरह आज टेक्नोलॉजी ड्राइविंग सीट पर है। यही नहीं अपने बातचीत का समापन उन्होंने बनारस को याद करते हुए किया।जहां उन्होंने अपने मेंटर कृष्णनाथ जी को याद किया ।वहीं काशीनाथ सिंह के काशी का अस्सी के एक प्रसंग का भी जिक्र किया।प्रो.कृष्णनाथ से उनकी चर्चा हो रही थी भारतीय संस्कृति व पश्चिम संस्कृति को...