Posts

Showing posts from August, 2025

गोपाल पाठा

Image
  हाल ही में बंगाल फाइल्स का ट्रेलर आया है।ट्रेलर के रिलीज से ही विवाद नत्थी हो गया है।जैसे कश्मीर फाइल्स को भी लेकर हुआ था।जो 1990में कश्मीरी पंडितों के साथ हुए ननरसंहार  पर केंद्रित थी।यहां 1946 में डायरेक्ट एक्शन प्लान के समय हुए भीषण दंगों का।लेकिन ट्रेलर आने के बाद जो चेहरा सुर्खियों में आया है बंगाल फाइल्स का एक दृश्य क्रेडिट बंगाल फाइल्स ट्रेलर  इन्हीं का है।इनका नाम है गोपाल पाठा जो ट्रेलर में कहते है भारत हिन्दुओं का राष्ट्र है।कॉलेज स्ट्रीट के सामने इनकी मीट की दुकान थी।इनका खुद का अपना एक अखाड़ा था आज के भाषा में गैंग।इसी अखाड़े के लड़कों ने दंगों के समय हिन्दुओं की रक्षा की।कांग्रेस के अध्यक्ष रहे bc रॉय इनके दोस्त हुआ करते थे।लेकिन कहने वाले कहते हैं गुंडों को राजनीतिक सरंक्षण की आवश्यकता होती है।यहां भी कुछ वैसा ही मामला था।इसी दंगे के बाद गांधी यहां आए थे लोग उनके चरणों में अपना शस्त्र रखते।लोगों ने गोपाल पाठा से भी कहा तुम अपना शस्त्र गांधी के चरणों में क्यों नहीं रख देते ?पाठा ने कहा कि इन शास्त्रों से मैंने अपने मोहल्ले की महिलाओं की ,लोगों की जान बचाई ह...

बाढ़ किसी के लिए राहत किसी के लिए मुसीबत

गांव के उत्तरी छोर पर दाखिल होने पर एक अधकचरा खड़ंजा है।जिसके दोनों तरफ खेतों का एक बड़ा चक हैं।कुछ खेतों में पानी भरा है।जबकि एकाद खेत में पानी के ऊपर धान की फसल दिखती है।जो बाढ़ के पानी से बदरंग हो गई है।उसका हरा रंग उड़ गया है।खड़ंजे से आगे बढ़ने पर एक बगीचा है जिसमें एक पोल के ऊपर कुछ लोग बैठे हैं।ये वही लोग हैं जिनके खेतों में बाढ़ का पानी घुस गया था।वो अपनी खेती व बाढ़ से हुए नुकसान पर बातचीत करते हैं।वहीं मझौले किस्म के किसान पीयूष राय बातचीत में कहते है कि पिछली बार तो कुछ खाने और बेचने का इंतजाम हो गया था।लेकिन इस बार जिस दिन रोपाई हुई उसके अगले ही दिन पानी भर गया।एक खेत में तो बीज रखा गया था वो बिना रोपे ही बह गया।उन्हीं के बगल में लिटिल राय जो पूरी तैयारी कर रहे थे कि उनका खेत रोप दिया जाए,लेकिन बाढ़ के पानी को देखकर वो पीछे हट गए।अब पानी उतर गया है तो फिर से तैयारी कर रहें है।वहीं ताल के नीचे की तरफ पारस राय का खेत है कहते है कि पानी उतर तो गया है लेकिन तीन बार बढ़ता घटता है।अभी तो एक बार ही पानी बढ़ा है।जगह जगह बादल फट रहें है तो पानी एक बार आयेगा तो जरूर पर पानी जिन खेतों...

एंडरसन तेंदुलकर ट्राफी के मध्य मंसूर अली पटौदी

  भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट श्रृंखला चल रही है।इस श्रृंखला को पहले पटौदी ट्रॉफी के नाम से जाना जाता था।लेकिन इस दौरे पर इसका नाम बदलकर तेंदुलकर एंडरसन ट्रॉफी कर दिया गया है।ट्रॉफी के नाम बदलने पर पटौदी परिवार की प्रतिक्रिया भी आई।शर्मिला टैगोर ने कहा कि मुझे उनकी तरफ से कोई खबर नहीं मिली है, लेकिन ECB ने सैफ को एक पत्र भेजा है जिसमें कहा गया है कि वे ट्रॉफी को रिटायर कर रहे हैं। अगर BCCI टाइगर की विरासत को याद रखना चाहती है या नहीं रखना चाहती, तो यह उनका निर्णय है।"बाद में वो इस फैसले से दुःखी भी थी।वहीं दूसरी तरफ सचिन की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक बयान तक नहीं आया जिससे उनके फैन्स को भी चौकाया।लेकिन सचिन तेंदुलकर ने स्काई स्पोर्ट्स से बातचीत में अपनी चुप्पी तोड़ी।स्काई स्पोर्ट्स से बातचीत में सचिन ने कहा कि मैंने पटौदी फैमिली से फोन पर बातचीत की और हम ने ये तय किया कि किसी तरह की उनकी लेगसी को बनाए रखा जाए।साथ ही साथ मैंने इसके लिए जय शाह ,Bcci व Ecb से भी बातचीत कि कुछ नया इंट्रड्यूस किया जाए जो पटौदी फैमिली में पहले कभी नहीं हुआ हो।ये हुआ भी जीतने वाले कप्तान क...

लोहिया ने महिलाओं के संबंध में क्यों कहा था हिंदुस्तान का दिमाग सड़ा गला है

पिछले दिनों प्रेमानंद महाराज का एक बयान खूब वायरल हुआ।उनके बयान के बाद बहुत सारी प्रतिक्रियाएं भी आई। कुछ लोग उनके बयान से सहमति भी जता रहे थे वहीं कुछ लोग आधुनिक समाज में संत के इस बयान पर नाराज भी दिखे।ऐसे में सवाल उठता है प्रेमानंद महाराज ने क्या कहा? दरअसल अपने भक्तों के सवाल के जवाब में प्रेमानंद महाराज ने कहा कि आजकल बच्चों और बच्चियों के चरित्र पवित्र नहीं है तो अच्छे कैसे आएंगे।हमारी सारी माताओं बहनों के पहले रहन-सहन देखो।हम अपने गांव की बात बता रहे हैं। बूढ़ी थी पर इतने से नीचे इतना घूंघट रखती थीं।आज बच्चे बच्चियां कैसी पोशाकें पहन रहे हैं ?कैसे आचरण कर रहे हैं? एक लड़के से ब्रेकअप दूसरे से व्यवहार फिर दूसरे से ब्रेकअप फिर तीसरे से व्यवहार और व्यवहार व्यभचार में परिवर्तित हो रहा है।कैसे शुद्ध होगा? मान लो हमें चार होटल के भोजन खाने की जबान में आदत पड़ गई है तो घर की रसोई का भोजन अच्छा नहीं लगेगा। जब चार पुरुष से मिलने की आदत पड़ गई है तो एक पति को स्वीकार करने की हिम्मत उसमें नहीं रह जाएगी। ऐसे ही लड़का जब चार लड़कियों से व्यभिचार करता है तो वो अपनी पत्नी से संतुष्ट नहीं रहेगा...

चेस खिलाड़ी Praggnanandhaa

प्रेमचन्द की कहानी है शतरंज के खिलाड़ी जो अवध  के अवसान पर केंद्रित है।इसी अवध में मेरे चेस के ट्रेनर राजन पांडे जी ने चेस की बेसिक ओपनिंग E4 सिखाया था। राज शमानी को Praggnanandhaa ने उनके पॉडकास्ट प यही खेल सिखाया।साथ ही साथ अपने चेस जर्नी के बारे में भी बातें कही।शमानी के इन्सिक्योर के प्रश्न पर Praggnanandhaa ने कहा कि वो इन्सिक्योर महसूस कर रहे थे जब उनके जेनरेशन के लोग सफलता अर्जित कर रहे थे लेकिन अब वो ऐसा महसूस नहीं करते।अब वो उनसे इंस्पायर होते हैं।यही नहीं मैग्नस कार्लसन को रात के दो बजे हराने से लेकर चेस की साइकोलॉजी,चेस की ऑडियंस बूम में सागर शाह व समय रैना ने बड़ा काम किया।लेकिन समय को एक जोक के लिए समय से पीछे धकेल दिया गया।पर इस पॉडकास्ट की जो रिल कटेगी वोPraggnanandhaa विभूति वाले जवाब पर कि we come from ashesh and go back to ashesh.