बहुपति प्रथा जो सोशल मीडिया पर छाई
हिमाचल प्रदेश आज कल सुर्ख़ियों में है।कभी बाढ़ की त्रासदी से कभी उस त्रासदी पर कंगना के बयान से।लेकिन अभी जिस कारण हिमाचल सुर्खियों में है।उसका कारण एक शादी है।हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के गिरिपार क्षेत्र में एक महिला से दो भाइयों ने शादी की है।शादी में बकायदा 4000 मेहमान भी शरीक हुए हैं।शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल भी हुई और लोगों के बीच में बहुपति प्रथा को लेकर चर्चा भी चली।खैर प्रदीप नेगी व कपिल नेगी नाम के इन भाइयों की एक तरफ तारीफ है तो दूसरी तरफ प्रश्न चिन्ह भी कि आधुनिक समाज में इस तरह की शादी के क्या मायने है?इंटरनेट पर इसी सवाल को लेकर ही बहस है।वहीं दूसरी तरफ जिस समुदाय से ये दोनों भाई आते हैं वहां इस तरह की प्रथा ही रही है।
इसी सप्ताह प्रो. कृष्णनाथ का यात्रा वृतांत स्पीति में बारिश पढ़ रहा था।उसमें भी एक प्रसंग में ऐसी प्रथा का वर्णन आता है
वो लिखते है "लाहुली बड़े लड़वय्या होते हैं। प्रायः हर परिवार में से एक पलटन में जाता है।बड़े भाई का विवाह होता है।द्रौपदीवाद यहां चलता है।एक ही स्त्री सब भाइयों की पत्नी होती है।कहते हैं इसमें कलह नहीं होता है।जब कई स्त्रियां आती हैं तो कलह होता है और बंटवारा होता है।इसलिए एक आर्थिक तर्क यह दिया जाता है कि खेती योग्य भूमि कम है,बंटवारा हो तो परिवार नष्ट होता है।कई स्त्रियां आयें तो बंटवारा होता है।भाई आपस में बसर कर लेते हैं।स्नेह की कमी -बेशी द्रौपदी से हुई ।महाप्रस्थान में जब पांडव द्रौपदी सहित जाते हैं तो पहले द्रौपदी गिरती हैं।"
आज जब ये शादी की तस्वीरें इंटरनेट पर वायरल हुई तो ये प्रसंग याद आ गया।यही नहीं हट्टी समुदाय के इस शादी के पीछे भी यही तर्क आज भी दिए जा रहे है।
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| शादी करने वाला जोड़ा क्रेडिट इंटरनेट |
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| हट्टी समुदाय क्रेडिट-GS |


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