ड्यूक गेंद

 निकेश दिल्ली में रहते है,लेकिन उनका क्रिकेट मन आजमगढ़ में रहता है।इसलिए मुखर्जी नगर में यदा कदा क्रिकेट खेल लेते है।पर विपक्षी टीम उनके गेंदबाजी से भय खाती है वो उनको खेलते देख खुश नहीं होते हैं।कल भारत व इंग्लैंड के बीच लार्ड्स पर मैच हो रहा था तो निकेश बुमराह को देख के अपनी गेंदबाजी की प्रैक्टिस कर रहे थे।साथ ही साथ वो ड्यूक गेंद के शेप के बिगड़ने को भी समझा रहे थे।और इस सीरीज में ड्यूक के गेंद को लेकर खूब चर्चा हुई है....ड्यूक गेंद की कहानी क्या है?
भारत और इंग्लैंड के बीच चल रहे टेस्ट मैच में बल्लेबाजों के शतक के बाद कोई सुर्खियों में आया तो ड्यूक गेंद।अमूमन टेस्ट मैच कूकाबूरा की गेंद से होती है लेकिन इंग्लैंड में ड्यूक से ही मैच खेले जाते है।जो शुरू के ओवर में शेप में रहती है और बाद में शेप बिगड़ने के बाद इससे गेंदबाजी करना कठिन हो जाता।लार्ड्स टेस्ट से पहले ऋषभ पंत से जब ड्यूक गेंद के ऊपर प्रश्न पूछा गया तो पंत का जवाब कुछ यूं था"जब गेंद सॉफ्ट हो जाती है तो ये ज्यादा कुछ नहीं करती।लेकिन गेंद बदलने के बाद फिर से स्विंग करने लगती है तब खेलना मुश्किल होता है।एक बल्लेबाज़ के तौर पर आपको इसे एडजस्ट करना पड़ता है , लेकिन साथ ही मैं ये भी मानता हूँ कि ये क्रिकेट के लिए अच्छा नहीं है।"वहीं इसी सवाल को जब बेन स्टोक्स से पूछा गया तो उनका जवाब कुछ यूं आया "जब भी विदेश टीम दौरे पर यहां आती है तो उनको गेंद के सॉफ्ट व उसके शेप के बिगड़ने को लेकर समस्या होती है।जो हम ड्यूक्स रिंग्स प्रयोग करते है वो भी मुझे आदर्श नहीं जान पड़ता।लेकिन आप को इससे डील करना पड़ता है।

लार्ड्स में गेंदबाजी करते बुमराह
क्रेडिट निकेश


गेंद दिखते निकेश






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