जिन्दगी मौत न बन जाए यारों

साल 2023 का था ,जून के गर्म महीने में एक  ख़बर आई कि
टाइटैनिक का मलबा देखने गए पांच लोग लापता हैं।लेकिन इसमें जो बड़ी ख़बर थी वो कि मलबा देखने वालों में ब्रिटेन व पाकिस्तान के अरबपति भी थे।इस पूरे घटना क्रम,ओसन गेट के बनने और डूबने की कहानी पर नेटफ्लिक्स ने एक डॉक्यूमेंट्री बनाई है जिसमें कंपनी के सीईओ स्टॉकटन रश व उनके ड्रीम प्रोजेक्ट को विस्तार से दिखाया गया है...जिसकी कहानी कुछ यूं है...

एक खानदानी रईस लड़का है जिसके परिवार के दो लोगों ने
डिक्लरेशन ऑफ इंडिपेंडेंस पर साइन किया था।वहीं उसकी पत्नी दो ऐसे लोगों की ग्रेट ग्रेट ग्रैंडडाटर थी जो टाइटैनिक में मरे थे ,स्ट्रॉउस परिवार था जिसने मेसी जैसे स्टोर डिपार्टमेंट खड़ा किया था...उसने प्रिंसटन से पढ़ाई की थी और पढ़ाई में औसत रहा।लेकिन उसका ध्येय बेजोस और मस्क जैसा बनना था (big swingin dicks)।इसलिए उसने एक ऐसी समरसिबल बनाने की कोशिश की जो पांच लोगों को बैठाकर टाइटैनिक का मलबा दिखा सके।लोगों को टाइटैनिक आज भी आकर्षित करता है।अंग्रेजी में छपे एक लेख में तीन शब्द जो पूरी दुनिया को पता है उसमें एक टाइटैनिक भी (Coca cola ,God) है।वो 2005 के बाद टाइटैनिक तक जाने वाला पहला शख्स था।2016 से शुरू हुआ मिशन चार प्रयासों के बाद 2023 में पांच लोगों की मृत्यु के साथ खत्म हो गया।ये कहानी है ओसन गेट की ..... स्टॉकटन रश की।जो कहा करता था "मैं मरना नहीं चाहता और मैं नहीं मरूंगा ,ये बहुत आसानी से हो सकता है कि हम नाकाम हो जाए ।मैं इस कंपनी मे, नाकाम होने के 50 कारण गिना सकता हूं,मैं मर नहीं रहा हूँ।मैं जब तक हूं किसी को मरने नहीं दूंगा।मेरा वादा है।"





स्टॉकटन रश का प्लान

टाइटैनिक का मलबा देखने के लिए किराया

समर्सिबल का परीक्षण






























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