स्टोक्स की विस्फोटक पारी



इंग्लैंड व आस्ट्रेलिया के बीच एशेज का दूसरा मैच था।
इंग्लैंड शुरुआत से ही लड़खड़ा गयी थी।उनकी आधी टीम 85 रन पर पवेलियन लौट गई थी।आस्ट्रेलिया जीत की ओर कदम बढ़ा चुका था और सीरीज में भी 2-0 से आगे हो जाता और आख़िर में हुआ भी ,कमिंस ने 6 विकेट लेकर पास ही पलट दिया लेकिन एक समय आस्ट्रेलिया की साँस अटक गई थी,जब स्टोक्स बल्लेबाजी कर रहे थे 
तो क्योंकि इससे पहले वो एक बार इंग्लैंड को ऐसी स्थिति से मैच जीता चुके थे पर उस दिन कारनामा दोहरा ही दिया होता लेकिन स्टॉर्क ने आउट कर ऐसा होने से आस्ट्रेलिया को बचा लिया ।उस दिन स्टोक्स को देख लिखा था....





शतक के बाद बल्ला उठाकर दर्शकों का अभिवादन करते स्टोक्स




क्रिकेट के मक्का में बैठना था,पर कोच नाखुश था।उसने कहा"आप इंग्लैण्ड के लिए नहीं खेलना चाहते।आप बस अपने साथियों के साथ पेशाब करना चाहते है और अच्छा समय बिताना चाहते हैं।"समय तो बीत ही रहा था ,कभी ड्रेसिंग रूम में हाथ टूटना,पब में मार पीट,पिता का चले जाना वगैरा -२में।तब समझ आ गया कहीं कुछ गड़बड़ है।साइकोलॉजिस्ट के पास गए जिन्होंने इससे पहले कई खिलाड़ियों की समस्याओं का निवारण किया था।इनको भी थी"Bottle Bottle Bang syndrome.मायने में नहीं जाएंगे,साइकोलॉजिस्ट ने कहा जब आप गुस्सा हो तो कीट अपना पैक करिये।सब सही हो जाएगा,आप योद्धा श्रेणी के है।समय लौट आया है,उसी मक्का में शतक ठोंक स्टोक्स ने हेडिंगली टेस्ट की यादें फिर से ताजा कर दी है।आख़िर परिणाम का तो पता नहीं पर bazball,bumerball इसी तरह से चलता रहा तो परिणाम भी निकल आये।बाकी स्टोक्स ने कहा ही है"हम बिना डर के खेलेंगे,हम कुछ भी पीछे नहीं रखेंगे.....भले ही परिणाम कुछ भी हो पर आपका मनोरंजन किया जाएगा।"

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