BARBIE से इतर गूंगी गुड़िया
कार्लो स्पेंसर अपने एक साक्षात्कार में कहती है कि 1950 के बाद सिर्फ पांच क्षेत्रों में महिलाओं को(टीचर,नर्स,सचिव,क्लर्क व पत्नी)काम मिलता था।फ़िर उनको मैगजीन में Mattel Toy का एड दिखा और उन्हें अपना काम मिल गया।1963 से 1986 तक उन्होंने इन मैटल टॉय को डिजाइन किया।पर अभी ये चर्चा में है क्योंकि Barbie नाम की फ़िल्म आ रही है,जिसमें लॉ-२ लैंड वाले रयान गोसलिंग व the wolf of wall street वाली मार्गो रॉबी लीड में है।पर ट्रेलर से ही फ़िल्म विवादों में है क्योंकि ट्रेलर
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| BARBIE का वो सीन |
में 'साउथ चाइना सी'को चीन के कब्ज़े में दिखा दिया गया है।जबकि चीन के इतर इस पर ताइवान, वियतनाम,फिलीपींस,ब्रूनेई व मलेशिया भी इसके लिए खम ठोंकते है।इसीसे वियतनाम ने Babie पर ही बैन लगा दिया।हालांकि हॉलीवुड से इस तरह का कृत्य कोई पहले नहीं हुआ है, वो ऐसा करता रहता है क्योंकि अमेरिका के बाहर यदि आपको पैसा कमाना है ख़ासकर चाइना में तो आपको उनके मनमाफ़िक ही रखना होगा अन्यथा फ़िल्म बैन हो जाएगी।वैसे भी खबरों में Dedollarisation चल ही रहा है और हमारा तो डॉलर से छत्तीस का आकड़ा चलता है।रूपये का अवमूल्यन होना था तब तक शास्त्री जी चले गए थे और एक ख़ामोश न बोलने वाली महिला प्रधानमंत्री बनी।लोहिया जी ने 'गूंगी गुड़िया' कह दिया था ,प्रधानमंत्री की पार्टी 8 राज्यों में सत्ता से बेदखल हो गई थी।इधर कामराज चाहते थे प्रधानमंत्री व पार्टी उन्हीं के हिसाब से चले।पर राजनीति ही क्या जो सीधा चले?प्रधानमंत्री ने सबसे पहले घर ही को साफ़ कर दिया,राष्ट्रपति के चुनाव में कहा अंतरात्मा की आवाज़ सुनिये।सब लोगों ने सुनी जिससे कामराज बाहर।फ़िर पार्टी पर एकाधिकार जो हुआ कि बड़े से बड़ा नेता उस कद के आगे बौना नज़र आने लगा।ये गूंगी गुड़िया कौन थी?वही जिसने भारत की राजनीति का चाल-चलन व चरित्र बदल दिया।वहीं जिसने 'बैंकों का राष्ट्रीयकरण' ,राजाओं के प्रिवी पर्स व बांग्लादेश की मुक्ति की वाहक बनी!वही जिसको गेंदे के फूल से चिढ़ थी,अमेरिकी रीगन व निक्सन को उनसे चिढ थी।पर जनता ने उनको पलकों पर रखा और ये गूंगी गुड़िया भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री 'इन्दिरा गांधी थी!उनकी लोकप्रियता कितनी थी ये दुष्यंत के शेर से अंदाजा लगाया जा सकता है"एक गुड़िया की कई कठपुतलियों में जान है
आज शायर यह तमाशा देखकर हैरान है।"
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| गुड़िया वाया-सौरव राय |


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