जुगल जोड़ी
बीती रात क़तर फुटबॉल विश्वकप का दुसरा सेमीफाइनल मुकाबला सम्पन्न हो गया।इसके साथ ही पहली अफ्रीकन टीम
जिसने सेमीफाइनल में जगह बनाई थी,फाइनल खेलने का सफ़र उसका थम गया।फ्रांस ने मोरक्को 2-0 गोल से हराकर दूसरी बार फाइनल में जगह बनाई ,इससे पहले 2018 में वो ख़िताब अपने नाम कर चुकी है।20 साल में फ़्रांस लगातार दूसरा विश्वकप खेलने वाली पहली टीम हो गयी है।यदि वो विश्वकप जीतती है तो 60 साल के ब्राजील के उस पुराने रिकॉर्ड की बराबरी कर सकती है। फाइनल में जहाँ उसका मुकाबला अर्जेंटीना से होना है, जो 2014 के बाद दूसरी बार
फाइनल में पहुंची है........
बहरहाल,इस सेमीफाइनल में काफ़ी कुछ घटा ,मैच के चन्द मिनटों में ही मोरक्को की सुरक्षा पंक्ति को भेद फ्रांस ने गोल कर अजेय बढ़त बना ली।इसके साथ ही फ़्रांस ने अपने उस रिकार्ड को भी बरकरार रखा जब वो पहले गोल करने के बाद कभी हारी नहीं।आखिर में यही हुआ फ्रांस 2से जीता । हां बिलाशक मोरक्को ने इस विश्वकप में दिल जीता जिस तरह से उसने बढ़ी टीमों को शिकस्त देकर सेमीफाइनल में जगह बनाई,सेमीफाइनल मुकाबले में भी उसने कोशिशें की पर तकदीर ने साथ न दिया।ऐसे मुकाबले में थोड़ी तकदीर की जरूरत तो पड़ती ही है.....
इस मैच का परिणम चाहे जो रहा पर फ्रांस के एम्बाप्पे ने मोरक्को के अपने दोस्त अचरफ हराकामी की हौसला अफ़जाई वो क़ाबिले तारीफ़ रहा।वो क्षण एक भावुक क्षण था
जब एम्बाप्पे ने अपनी टीशर्ट हराकामी को देकर हराकामी की
टीशर्ट पहन फ्रांस के खेमे में जश्न मनाया वो अद्भुत था।दोस्त ने दोस्त को हार न देकर जीत का अहसास जरूर कराया और हमारे लिए भी मिसाल पेश की।ये सीख है हमारे लिए की अपने दोस्त का ऐसी घड़ी में साहस व सम्बल दे जबकि कई बार हम ऐसा न करते है बल्कि टांग ही खिंच देते है।जबकि हमें ये उद्धरण पेश करना होगा उदार ह्रदय दिखाना होगा!

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