किसिंजर का जाना
अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री हेनरी किसिंजर का दुनिया से जाना एक युग का अवसान की तरह है।वह सौ वर्ष के हो चुके थे,लेकिन अब भी वैचारिक रुप से सक्रिय थे।अमेरिकी राजनयिक बिरदरी किसिंजर की सलाह पर कान देती थी ।उन्हें अमेरिका के साथ ही ,वैश्विक राजनीति पर भी गहरे प्रभाव के लिए हमेशा याद किया जाएगा।किसिंजर ने दो अमेरिकी राष्ट्रपतियों के अधीन कालजयी प्रभाव वाले कार्य किए।वियतनाम युद्ध के अंत और शीत युद्ध के समापन की ओर बढ़ने में उनकी भूमिका उल्लेखनीय है।एक राजनयिक या नेता के रुप में वह दुनिया से जाते -जाते भी नेतृत्व शैलियों पर केंद्रित किताब तैयार कर रहे थे।अमेरिकी राजनय और राजनीति में उनकी लगभग 60 साल की सक्रियता दुनिया के तमाम नेताओं के लिए प्रेरक है और हमेशा रहेगी ।याद रहे,इसी साल जुलाई में किसिंजर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने अचानक चीन पहुंच गए थे।मतलब ,वाशिंगटन अपने वयोवृद्ध नेता के माध्यम से चीन संबध सुधारने की राह तलाश रही थी।चीन की मजबूती बढ़ाने में किसिंजर का बहुत योगदान रहा । अफसोस ,हेनरी किसिंजर जैसे योग्य अमेरिकी नेता को ज्यादतर भारत के प्रतिपक्...